अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों तक चले संघर्ष के बाद शुक्रवार को दोनों देश स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टाक रिजॉर्ट में ऐतिहासिक शांति वार्ता के लिए आमने-सामने होंगे। यहां समझौते के क्रियान्वयन और आगे की प्रक्रिया पर चर्चा होगी।
अमेरिका-ईरान के बीच बीते दिन शांति समझौते की घोषणा की गई, लेकिन अब इसमें पेंच फंसता नजर आ रहा है। महीनों से जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए ईरान ने जिस भारी भरकम फंड 300 अरब डॉलर की मांग की है, उसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने खारिज कर दिया है।
अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा हो चुकी है। 19 जून-2026 को स्विट्जरलैंड में इस पर हस्ताक्षर होंगे। इसका दुनिया भर के नेताओं ने स्वागत किया है। इसी क्रम में भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा- संघर्ष खत्म करने के लिए बनी इस सहमति का मैं स्वागत करता हूं।
भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए आज सप्ताह के पहले दिन की शुरुआत शानदार रही। सेंसेक्स खुलने के साथ छलांग लगाता नजर आया, तो निफ्टी में भी तेजी दिखी। इससे बाजार में लंबे समय बाद हरियाली देखी गई। वहीं शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 53 पैसे मजबूत हुआ।
अमेरिका-ईरान के बीच भले ही संघर्षविराम लागू है, लेकिन कई मौकों पर ऐसी खबरें आती है, जिससे ये संघर्षविराम टूटने की कगार पर पहुंच जाता है। अब अमेरिकी न्यूज चैनल की तरफ से दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने ईरान के विमानों को अपने एयरबेस पर छिपा कर उन्हें अमेरिकी हमलों से बचाया है।

















